Thursday, September 12, 2019

हायकू रचना

(हायकू)
     मैत्री

    रेशीमगाठ
    ऋणानुबंध साथ
    अडचणीत
   
    विश्वस्थतता
    श्रीकृष्ण सुदाम्याची
    आपुलकीची

   पर्यावरण
   निसर्गाशी सौहार्द
   जीवन  सार्थ
   
   पारदर्शक
   रुसव्या फुगव्यात
   स्नेहबंधात
  
  मैत्रीचा गंध
  परिमल जीवनीं
  आनंद मनी

सौ.ऋतुजा रविंद्र गवस
  नवी मुंबई

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